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Yoga

Yoga for kids : Ayushya Mandiram Rewari

बच्चों के लिए योग (Yoga for Kids) ; आदर्श भविष्य की नींव

बच्चों के लिए योग” (Yoga for kids) उनके आदर्श भविष्य की नींव है| हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ रहे, मानसिक रूप से तेज हो, पढ़ाई – खेलकूद व् हर क्षेत्र में आगे हो, जीवन के विभिन्न स्तर पर संतुलित रहे और एक सफल व् खुशहाल जीवन जिए| आजकल बच्चे कंप्यूटर, मोबाइल फोन एवं टीवी के द्वारा मनोरंजन से अपने खाली समय का उपयोग करते हैं। जिसके कारण शारीरिक कसरत न के बराबर होती है। परिणामस्वरूप बच्चों में मोटापे की शिकायत आम होती जा रही है। इसके अतिरिक्त बचपन में हीं आँख कमजोर होना, एकाग्रता की कमी आदि समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसे में बच्चों को बचपन से हीं योग की ट्रेनिंग देना इन सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान है। इस  में...

Yoga Abhyas Purva-Health Screening

योग क्षेत्र में एक क्रांतिकारी शुरुआत: जानिए क्या है आयुष्य मन्दिरम् का ‘YT-QSEP’ प्रोग्राम?

[vc_row][vc_column][vc_column_text css=""]विशेष फ्लैगशिप कार्यक्रमयोग क्षेत्र में एक नई पहल: जानिए क्या है आयुष्य मन्दिरम् का 'YT-QSEP' प्रोग्राम?आज के दौर में योग केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर समग्र स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे समय में सुरक्षित, जिम्मेदार और गुणवत्तापूर्ण योग शिक्षण की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, 11वें संत ईश्वर सेवा सम्मान 2026 से सम्मानित संस्था आयुष्य मन्दिरम् विद्याभवन (AMVB) अपने सामाजिक एवं शैक्षिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत YT-QSEP (Yoga Teaching Quality & Safety Enhancement Program) कार्यक्रम संचालित कर रही है। YT-QSEP का उद्देश्य योग शिक्षकों की शिक्षण गुणवत्ता, सुरक्षा संबंधी समझ, व्यावहारिक दक्षता और पेशेवर उत्तरदायित्व को बेहतर बनाने के लिए एक संरचित Continuing Professional...

Green Yoga and Navratri

ताड़ासन स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक, पर्वत की बेटी मां शैलपुत्री से प्रेरित

सभी देशवासियों को आयुष्य मन्दिरम् परिवार की ओर से शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं  इस नवरात्र, माँ शैलपुत्री की तरह प्रकृति से जुड़ें। जैसे पर्वत अपनी जगह पर स्थिर रहता है, वैसे ही हम प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें। योग हमें धरती से जोड़ता है और हमें भीतर की दृढ़ता का एहसास कराता है। आइए, इस नवरात्र अपनी आध्यात्मिक यात्रा को पर्यावरणीय चेतना से जोड़ें। आज का योगासन ताड़ासन (पर्वतासन) यह आसन स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक है, जो पर्वत की बेटी मां शैलपुत्री से प्रेरित है। पर्यावरणीय कर्तव्य: अपने घर के पास एक पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करने का संकल्प लें। यह प्रकृति के साथ जुड़ने का प्रतीक है।ग्रीन योग संदेश: "जैसे पर्वतराज हिमालय की पुत्री शैलपुत्री अडिग हैं, वैसे ही हम प्रकृति को बचाने के अपने संकल्प...

protocol Gomukhasana

गोमुखासन शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का आसन : डॉ. सुधा यादव

[vc_row][vc_column][vc_column_text css=""] गोमुखासन (Gomukhasana) परिचय: शब्दार्थ एवं नामकरण'गोमुखासन' तीन संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है – गो (गाय), मुख (चेहरा) और आसन (स्थिति या मुद्रा)। इस आसन में शरीर की आकृति गाय के मुख जैसी दिखाई देती है — जांघों और पिंडलियों का स्वरूप एक छोर पर चौड़ा और दूसरे छोर पर संकरा होता है। बांहों की स्थिति गाय के कानों जैसी प्रतीत होती है। यह मुद्रा मन को गाय की तरह शांत, सौम्य और उदार बनाए रखने की प्रेरणा देती है। अंग्रेज़ी में इसे Cow Face Pose कहा जाता है। गोमुखासन की अभ्यास विधि 1️⃣ दण्डासन में बैठें। 2️⃣ दाहिने पैर को मोड़कर एड़ी को बाएं नितंब से लगाएं। 3️⃣ बाएं पैर को मोड़कर एड़ी को दाहिने नितंब से इस प्रकार लगाएं कि बायां घुटना दाहिने घुटने के ऊपर आ जाए। 4️⃣...

Yoga Protocol-4

कॉमन योग प्रोटोकॉल चौथा आसन : अर्ध चक्रासन

[vc_row][vc_column][vc_column_text css=""] अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का चौथा आसन : अर्ध चक्रासन अर्ध चक्रासन (Half Wheel Pose) अर्ध चक्रासन दो शब्दों से मिलकर बना है। अर्ध का अर्थ आधा तथा चक्र का अर्थ पहिया होता है। इस आसन को करते समय शारीरिक स्थिति आधे चक्र जैसी हो जाती है। इसलिए इस आसन को अर्ध चक्रासन कहते हैं।अभ्यास विधि सावधान की स्थिति में खड़े हो जाएं दोनों पैरों के मध्य दो से तीन इंच का अंतर रखें दोनों हाथों से कमर को इस प्रकार पड़े की अंगूठे पीछे की तरफ और चार उंगलियां पेट की तरफ रहें श्वास भरते हुए गर्दन और कमर को पीछे की तरफ झुकाए स्वास्थ्य सामान्य रक्त में 10 से 15 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें श्वास लेते हुए धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में आ...

Common Yoga Protocol

कॉमन योग प्रोटोकॉल : वृक्षासन

[vc_row][vc_column][vc_column_text css=""] 🌳 आज का आसन: वृक्षासन (Tree Pose) 📅 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रोटोकॉल – आसन संख्या 2लेख श्रृंखला: योग से जुड़े, स्वास्थ्य से जुड़े | आयुष्य मन्दिरम् द्वारा प्रस्तुत 🌿 वृक्षासन का परिचय (Tree Pose) वृक्ष का अर्थ है पेड़ और आसन का अर्थ है शारीरिक स्थिति। इस आसन में शरीर की मुद्रा एक स्थिर वृक्ष की तरह होती है – संतुलित, स्थिर और केंद्रित।इसलिए इस आसन को “वृक्षासन” कहा जाता है। 🧘‍♂️ वृक्षासन की अभ्यास विधिदोनों पैरों के बीच में 2–3 इंच का अंतर रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। श्वास छोड़ते हुए धीरे-धीरे दाएं पैर को उठाएं और पंजे को बाएं पैर की अंदरूनी जांघ पर रखें। (ध्यान दें: एड़ी मूलाधार क्षेत्र को स्पर्श करे) अब श्वास भरते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और...

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योग दिवस तक-हर दिन एक योग प्रोटोकॉल अभ्यास: आयुष्य मन्दिरम् की एक अनूठी पहल

[vc_row][vc_column][vc_column_text css=""] विश्व योग दिवस तक – हर दिन एक योग: पहला अभ्यास ‘ताड़ासन’ [caption id="attachment_3885" align="alignnone" width="476"] एसडीएम श्री मनोज कुमार, श्रीमती ममता यादव (हरियाणा लोक सेवा आयोग), योगाचार्य सुषमा, श्री सतीश कुमार (जिला खजाना अधिकारी)[/caption] योग आचार्य डॉ. धर्मवीर यादव द्वारा प्रस्तुत – अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल का पहला अभ्यास आयुष्य मन्दिरम् की अनूठी पहल के अंतर्गत, 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक हम प्रतिदिन एक योग अभ्यास को विशेषज्ञों की दृष्टि से प्रस्तुत करेंगे। इस श्रंखला की शुरुआत हम कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) के पहले आसन ‘ताड़ासन’ से कर रहे हैं। आज के विशेषज्ञ: योगाचार्य डॉ. धर्मवीर यादव, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी, हरियाणा) के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्होंने योग पर 7 से अधिक पुस्तकों की रचना की है। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘Yoga – A Way of...

Bal Bhawan Rewari

बाल भवन रेवाड़ी में एक दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण

रेवाड़ी | बाल भवन रेवाड़ी में एक दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।आयुष्य मन्दिरम् संस्था के तत्वावधान में बीते रविवार को शहर के माडल टाउन स्थित बाल भवन में एक दिवसीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन आगामी अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस को मद्देनजर रखते हुए किया गया।योगाचार्य सुषमा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी साधकों को विधिवत योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया। उनकी टीम के सदस्य योगसहायक रीना और आस्था ने डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि हमने योग दिवस 21 जून 2025 तक कम से कम 1000 लोगों को योग प्रोटोकॉल का विधिवत प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। ...

Hasttotanasana

साक्षी सोसायटी रेवाड़ी में स्वास्थ्य एवं योग कार्यक्रम

रेवाड़ी। साक्षी सोसायटी पार्क में बीते शनिवार को एक दिवसीय स्वास्थ्य एवं योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शिवा सोसायटी, कृष्णा सोसायटी व अन्य आसपास की सोसायटियों की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम का लाभ उठाया।आयुष्य मन्दिरम् संस्था के तत्वावधान में सेक्टर तीन स्थित साक्षी सोसायटी में एक दिवसीय स्वास्थ्य एवं योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं की काफी भागीदारी रही। योगाचार्य सुषमा ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को सरल और उचित युक्तियों एवं उनके लाभ की जानकारी देते हुए आसन, प्राणायाम और मुद्राओं अभ्यास  कराया। इसके साथ ही उन्होंने योगिक आहार के विषय में भी उपयोगी जानकारी दी।कार्यक्रम में सहायक प्रशिक्षक रीना और आस्था ने डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया। हास्यासन के बाद शांति पाठ के बाद कार्यक्रम का समापन...

Nadi Shodhan Pranayama

प्राणायाम: कथं सिद्ध:?

प्राणशक्ति तथा प्राणायाम की उपयोगिता प्राण ही मनुष्य के स्वास्थ्य एवं रूग्णता का कारण है। शरीर आधार है तथा प्राण उसकी शक्ति। मन एवं शरीर प्राण के बिना नहीं रह सकते। प्राण विद्या के द्वारा प्राणशक्ति को विभाजित कर शरीर के प्रत्येक केन्द्र में उपयुक्त रूप से भेजा जा सकता है। इस विद्या के द्वारा प्राणशक्ति की असंतुलित अवस्था में संतुलन ला सकते हैं। इसके अलावा प्राणशक्ति के अभाव में यदि कोई रोग उत्पन्न हुआ हो तो जहाँ प्राणशक्ति अतिरिक्त मात्रा में है वहाँ से अतिरिक्त प्राणशक्ति को रूग्न अंग में प्रसारित कर उसकी क्षतिपूर्ति की जा सकती है। शरीर की रक्षा के लिये जिस प्रकार अन्न की उपयोगिता है, शरीरस्थ रोगनाश के लिये जैसे औषधियों का विनियोग होता है, उसी प्रकार शरीरस्थ बाहरी और भीतरी (बाह्याभ्यन्तर)...

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