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Author: AM

Ayushya Mandiram / Articles posted by AM (Page 4)
yoga protocol: padhastasana

कॉमन योग प्रोटोकॉल तीसरा आसन : पादहस्तासन

[vc_row][vc_column][vc_column_text css=""] 🎉 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस - तीसरा आसन 🧘‍♂️ पादहस्तासन (Hand to Foot Pose) 📅 #YogaDay2025 #Padahastasana  पादहस्तासन परिचय "पाद" = पैर, "हस्त" = हाथ हाथों से पैरों को छूने की स्थिति Standing Forward Bend Pose 🔶 अभ्यास विधि 1️⃣ सावधान मुद्रा में खड़े हों 2️⃣ श्वास भरते हुए हाथ ऊपर 3️⃣ श्वास छोड़ते हुए झुकें 4️⃣ हथेलियां पैरों के पास 5️⃣ चेहरा घुटनों से लगाएं 🕒 10–15 सेकंड रुकें 🔶 ध्यान रखें ⚠️ शुरू में ज़ोर न डालें ⚠️ घुटनों को सीधा रखें 🧘‍♀️ संयम और संतुलन रखें 🔶 किसे नहीं करना चाहिए? 🚫 कमर दर्द, हर्निया 🚫 हृदय, रक्तचाप की समस्या 🚫 गर्भवती महिलाएं 🔶 लाभ ✅ रीढ़ की लचीलापन ✅ मोटापा कम करना ✅ स्मरण शक्ति व पाचन सुधार ✅ बच्चों की height बढ़ाने में सहायक 🔶 क्या आप जानते हैं? 👉 यह पश्चिमोत्तानासन का खड़ा संस्करण है [/vc_column_text][vc_raw_html css=""]JTNDZGl2JTIwc3R5bGUlM0QlMjJkaXNwbGF5JTNBZmxleCUzQiUyMGFsaWduLWl0ZW1zJTNBZmxleC1zdGFydCUzQiUyMGdhcCUzQTE1cHglM0IlMjBiYWNrZ3JvdW5kJTNBJTIzZjlmOWY5JTNCJTIwcGFkZGluZyUzQTE1cHglM0IlMjBib3JkZXItcmFkaXVzJTNBMTJweCUzQiUyMGJveC1zaGFkb3clM0EwJTIwMnB4JTIwNXB4JTIwcmdiYSUyODAlMkMwJTJDMCUyQzAuMSUyOSUzQiUyMiUzRSUwQSUyMCUyMCUzQ2ltZyUyMHNyYyUzRCUyMmh0dHBzJTNBJTJGJTJGYW1zaXRlLmluJTJGd3AtY29udGVudCUyRnVwbG9hZHMlMkYyMDI1JTJGMDYlMkZkci5kaGFybXZlZXIuanBnJTIyJTIwYWx0JTNEJTIyRHIuJTIwRGhhcm12ZWVyJTIwWW9nYWNoYXJ5YSUyMiUyMHN0eWxlJTNEJTIyd2lkdGglM0ExMDBweCUzQiUyMGhlaWdodCUzQTEwMHB4JTNCJTIwb2JqZWN0LWZpdCUzQWNvdmVyJTNCJTIwYm9yZGVyLXJhZGl1cyUzQTUwJTI1JTNCJTIyJTNFJTBBJTIwJTIwJTNDZGl2JTNFJTBBJTNDaDQlM0UlRTIlOUMlOEQlRUYlQjglOEYlMjAlRTAlQTQlQjIlRTAlQTUlODclRTAlQTQlOTYlRTAlQTQlOTUlMjAlRTAlQTQlQUElRTAlQTQlQjAlRTAlQTQlQkYlRTAlQTQlOUElRTAlQTQlQUYlM0ElM0MlMkZoNCUzRSUwQSUzQ3AlM0UlM0NzdHJvbmclM0UlRTAlQTQlQTElRTAlQTQlQkUuJTIwJUUwJUE0JUE3JUUwJUE0JUIwJUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUFFJUUwJUE0JUI1JUUwJUE1JTgwJUUwJUE0JUIwJTIwJUUwJUE0JUFGJUUwJUE1JThCJUUwJUE0JTk3JUUwJUE0JUJFJUUwJUE0JTlBJUUwJUE0JUJFJUUwJUE0JUIwJUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUFGJTNDJTJGc3Ryb25nJTNFJTNDYnIlM0UlMEElRTAlQTQlODUlRTAlQTQlQjglRTAlQTQlQkYlRTAlQTQlQjglRTAlQTUlOEQlRTAlQTQlOUYlRTAlQTUlODclRTAlQTQlODIlRTAlQTQlOUYlMjAlMjAlRTAlQTQlQUElRTAlQTUlOEQlRTAlQTQlQjAlRTAlQTUlOEIlRTAlQTQlQUIlRTAlQTUlODclRTAlQTQlQjglRTAlQTQlQjAlMjAlRTIlODAlOTMlMjAlRTAlQTQlQUYlRTAlQTUlOEIlRTAlQTQlOTclMjAlRTAlQTQlQjUlRTAlQTQlQkYlRTAlQTQlQUQlRTAlQTQlQkUlRTAlQTQlOTclMkMlMjAlRTAlQTQlODclRTAlQTQlODIlRTAlQTQlQTYlRTAlQTQlQkYlRTAlQTQlQjAlRTAlQTQlQkUlMjAlRTAlQTQlOTclRTAlQTQlQkUlRTAlQTQlODIlRTAlQTQlQTclRTAlQTUlODAlMjAlRTAlQTQlQjUlRTAlQTQlQkYlRTAlQTQlQjYlRTAlQTUlOEQlRTAlQTQlQjUlRTAlQTQlQjUlRTAlQTQlQkYlRTAlQTQlQTYlRTAlQTUlOEQlRTAlQTQlQUYlRTAlQTQlQkUlRTAlQTQlQjIlRTAlQTQlQUYlMkMlMjAlRTAlQTQlQUUlRTAlQTUlODAlRTAlQTQlQjAlRTAlQTQlQUElRTAlQTUlODElRTAlQTQlQjAlMjAlMjglRTAlQTQlQjAlRTAlQTUlODclRTAlQTQlQjUlRTAlQTQlQkUlRTAlQTQlQTElRTAlQTQlQkMlRTAlQTUlODAlMjklMjAlM0NiciUzRSUwQTEwJTJCJTIwJUUwJUE0JUI1JUUwJUE0JUIwJUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUI3JUUwJUE1JThCJUUwJUE0JTgyJTNDJTJGc3Ryb25nJTNFJTIwJUUwJUE0JUI4JUUwJUE1JTg3JTIwJUUwJUE0JUFGJUUwJUE1JThCJUUwJUE0JTk3JTIwJUUwJUE0JThGJUUwJUE0JUI1JUUwJUE0JTgyJTIwJUUwJUE0JUFBJUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUIwJUUwJUE0JUJFJUUwJUE0JTk1JUUwJUE1JTgzJUUwJUE0JUE0JUUwJUE0JUJGJUUwJUE0JTk1JTIwJUUwJUE0JTlBJUUwJUE0JUJGJUUwJUE0JTk1JUUwJUE0JUJGJUUwJUE0JUE0JUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUI4JUUwJUE0JUJFJTIwJUUwJUE0JTlDJUUwJUE0JUJFJUUwJUE0JTk3JUUwJUE0JUIwJUUwJUE1JTgyJUUwJUE0JTk1JUUwJUE0JUE0JUUwJUE0JUJFJTIwJUUwJUE0JUFFJUUwJUE1JTg3JUUwJUE0JTgyJTIwJUUwJUE0JUI4JUUwJUE0JTgyJUUwJUE0JUIyJUUwJUE0JTk3JUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUE4JTIwJUUwJUE0JUI5JUUwJUE1JTg4JUUwJUE0JTgyJUUwJUE1JUE0JTIwJUUwJUE0JTg2JUUwJUE0JUFBJUUwJUE0JUE4JUUwJUE1JTg3JTIwJUUwJUE0JUI5JUUwJUE0JTlDJUUwJUE0JUJFJUUwJUE0JUIwJUUwJUE1JThCJUUwJUE0JTgyJTIwJUUwJUE0JUIyJUUwJUE1JThCJUUwJUE0JTk3JUUwJUE1JThCJUUwJUE0JTgyJTIwJUUwJUE0JTk1JUUwJUE1JThCJTIwJUUwJUE0JTg2JUUwJUE0JUIwJUUwJUE1JThCJUUwJUE0JTk3JUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUFGJTIwJUUwJUE0JTlDJUUwJUE1JTgwJUUwJUE0JUI1JUUwJUE0JUE4JUUwJUE0JUI2JUUwJUE1JTg4JUUwJUE0JUIyJUUwJUE1JTgwJTIwJUUwJUE0JTg1JUUwJUE0JUFBJUUwJUE0JUE4JUUwJUE0JUJFJUUwJUE0JUE4JUUwJUE1JTg3JTIwJUUwJUE0JUI5JUUwJUE1JTg3JUUwJUE0JUE0JUUwJUE1JTgxJTIwJUUwJUE0JUFBJUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUIwJUUwJUE0JUI2JUUwJUE0JUJGJUUwJUE0JTk1JUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUI3JUUwJUE0JUJGJUUwJUE0JUE0JTIwJUUwJUE0JTk1JUUwJUE0JUJGJUUwJUE0JUFGJUUwJUE0JUJFJTIwJUUwJUE0JUI5JUUwJUE1JTg4JUUwJUE1JUE0JTIwJUUwJUE0JTg2JUUwJUE0JUFBJUUwJUE0JTk1JUUwJUE1JTgwJTIwJUUwJUE0JUIyJUUwJUE1JTg3JUUwJUE0JTk2JUUwJUE0JUE4JUUwJUE1JTgwJTIwJUUwJUE0JUFBJUUwJUE0JUJFJUUwJUE0JUIwJUUwJUE0JTgyJUUwJUE0JUFBJUUwJUE0JUIwJUUwJUE0JUJGJUUwJUE0JTk1JTIwJUUwJUE0JUFGJUUwJUE1JThCJUUwJUE0JTk3JTIwJUUwJUE0JTk0JUUwJUE0JUIwJTIwJUUwJUE0JTg2JUUwJUE0JUE3JUUwJUE1JTgxJUUwJUE0JUE4JUUwJUE0JUJGJUUwJUE0JTk1JTIwJUUwJUE0JUE2JUUwJUE1JTgzJUUwJUE0JUI3JUUwJUE1JThEJUUwJUE0JTlGJUUwJUE0JUJGJUUwJUE0JTk1JUUwJUE1JThCJUUwJUE0JUEzJTIwJUUwJUE0JTk1JUUwJUE0JUJFJTIwJUUwJUE0JUI4JUUwJUE0JUFFJUUwJUE0JUE4JUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUI1JUUwJUE0JUFGJTIwJUUwJUE0JUFBJUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUIwJUUwJUE0JUI4JUUwJUE1JThEJUUwJUE0JUE0JUUwJUE1JTgxJUUwJUE0JUE0JTIwJUUwJUE0JTk1JUUwJUE0JUIwJUUwJUE0JUE0JUUwJUE1JTgwJTIwJUUwJUE0JUI5JUUwJUE1JTg4JUUwJUE1JUE0JTNDYnIlM0U=[/vc_raw_html][vc_btn 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Common Yoga Protocol

कॉमन योग प्रोटोकॉल : वृक्षासन

[vc_row][vc_column][vc_column_text css=""] 🌳 आज का आसन: वृक्षासन (Tree Pose) 📅 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रोटोकॉल – आसन संख्या 2लेख श्रृंखला: योग से जुड़े, स्वास्थ्य से जुड़े | आयुष्य मन्दिरम् द्वारा प्रस्तुत 🌿 वृक्षासन का परिचय (Tree Pose) वृक्ष का अर्थ है पेड़ और आसन का अर्थ है शारीरिक स्थिति। इस आसन में शरीर की मुद्रा एक स्थिर वृक्ष की तरह होती है – संतुलित, स्थिर और केंद्रित।इसलिए इस आसन को “वृक्षासन” कहा जाता है। 🧘‍♂️ वृक्षासन की अभ्यास विधिदोनों पैरों के बीच में 2–3 इंच का अंतर रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। श्वास छोड़ते हुए धीरे-धीरे दाएं पैर को उठाएं और पंजे को बाएं पैर की अंदरूनी जांघ पर रखें। (ध्यान दें: एड़ी मूलाधार क्षेत्र को स्पर्श करे) अब श्वास भरते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और...

our work

योग दिवस तक-हर दिन एक योग प्रोटोकॉल अभ्यास: आयुष्य मन्दिरम् की एक अनूठी पहल

[vc_row][vc_column][vc_column_text css=""] विश्व योग दिवस तक – हर दिन एक योग: पहला अभ्यास ‘ताड़ासन’ [caption id="attachment_3885" align="alignnone" width="476"] एसडीएम श्री मनोज कुमार, श्रीमती ममता यादव (हरियाणा लोक सेवा आयोग), योगाचार्य सुषमा, श्री सतीश कुमार (जिला खजाना अधिकारी)[/caption] योग आचार्य डॉ. धर्मवीर यादव द्वारा प्रस्तुत – अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल का पहला अभ्यास आयुष्य मन्दिरम् की अनूठी पहल के अंतर्गत, 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक हम प्रतिदिन एक योग अभ्यास को विशेषज्ञों की दृष्टि से प्रस्तुत करेंगे। इस श्रंखला की शुरुआत हम कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) के पहले आसन ‘ताड़ासन’ से कर रहे हैं। आज के विशेषज्ञ: योगाचार्य डॉ. धर्मवीर यादव, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी, हरियाणा) के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्होंने योग पर 7 से अधिक पुस्तकों की रचना की है। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘Yoga – A Way of...

Bal Bhawan Rewari

बाल भवन रेवाड़ी में एक दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण

रेवाड़ी | बाल भवन रेवाड़ी में एक दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।आयुष्य मन्दिरम् संस्था के तत्वावधान में बीते रविवार को शहर के माडल टाउन स्थित बाल भवन में एक दिवसीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन आगामी अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस को मद्देनजर रखते हुए किया गया।योगाचार्य सुषमा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी साधकों को विधिवत योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया। उनकी टीम के सदस्य योगसहायक रीना और आस्था ने डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि हमने योग दिवस 21 जून 2025 तक कम से कम 1000 लोगों को योग प्रोटोकॉल का विधिवत प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। ...

Hasttotanasana

साक्षी सोसायटी रेवाड़ी में स्वास्थ्य एवं योग कार्यक्रम

रेवाड़ी। साक्षी सोसायटी पार्क में बीते शनिवार को एक दिवसीय स्वास्थ्य एवं योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शिवा सोसायटी, कृष्णा सोसायटी व अन्य आसपास की सोसायटियों की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम का लाभ उठाया।आयुष्य मन्दिरम् संस्था के तत्वावधान में सेक्टर तीन स्थित साक्षी सोसायटी में एक दिवसीय स्वास्थ्य एवं योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं की काफी भागीदारी रही। योगाचार्य सुषमा ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को सरल और उचित युक्तियों एवं उनके लाभ की जानकारी देते हुए आसन, प्राणायाम और मुद्राओं अभ्यास  कराया। इसके साथ ही उन्होंने योगिक आहार के विषय में भी उपयोगी जानकारी दी।कार्यक्रम में सहायक प्रशिक्षक रीना और आस्था ने डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया। हास्यासन के बाद शांति पाठ के बाद कार्यक्रम का समापन...

Nadi Shodhan Pranayama

प्राणायाम: कथं सिद्ध:?

प्राणशक्ति तथा प्राणायाम की उपयोगिता प्राण ही मनुष्य के स्वास्थ्य एवं रूग्णता का कारण है। शरीर आधार है तथा प्राण उसकी शक्ति। मन एवं शरीर प्राण के बिना नहीं रह सकते। प्राण विद्या के द्वारा प्राणशक्ति को विभाजित कर शरीर के प्रत्येक केन्द्र में उपयुक्त रूप से भेजा जा सकता है। इस विद्या के द्वारा प्राणशक्ति की असंतुलित अवस्था में संतुलन ला सकते हैं। इसके अलावा प्राणशक्ति के अभाव में यदि कोई रोग उत्पन्न हुआ हो तो जहाँ प्राणशक्ति अतिरिक्त मात्रा में है वहाँ से अतिरिक्त प्राणशक्ति को रूग्न अंग में प्रसारित कर उसकी क्षतिपूर्ति की जा सकती है। शरीर की रक्षा के लिये जिस प्रकार अन्न की उपयोगिता है, शरीरस्थ रोगनाश के लिये जैसे औषधियों का विनियोग होता है, उसी प्रकार शरीरस्थ बाहरी और भीतरी (बाह्याभ्यन्तर)...

Nature Cure-Water Therapy

जल की ठण्डी पट्टियां (Water Cold Pack)

जिस प्रकार विभिन्न प्रकार के स्नान हमारे शरीर से मलों को दूर करने व शरीर में उत्पन्न होने वाले अनेक रोगों के उपचार में सहायक होते हैं। ठीक उसी प्रकार शरीर के विभिन्न भागों में गीली पट्टियों के प्रयोग से उस स्थान विशेष या फिर पूरे शरीर में स्थित रोगों को दूर किया जा सकता है। ये गीली पट्टियां दिखने में जितनी अधिक साधारण प्रतीत होती है उतनी ही शक्तिशाली व कारगर सिद्ध होती है। जल पट्टियां मुख्यतया दो प्रकार की होती है-1. जल की ठण्डी पट्टी और  2. जल की गर्म पट्टी। इस लेख में हम जल की ठंडी पट्टियों के विषय में विस्तार से चर्चा करते हैं-1. जल की ठण्डी पट्टियां ठण्डी जल पट्टी के लिये देने से पहले सर्वप्रथम यह जानना आवश्यक हो...

Nature Cure-Hydrotherapy

शरीर में उपस्थित विषों को बाहर निकालने वाली गीली चादर लपेट

जल चिकित्सा में जल का प्रयोग : गीली चादर लपेट योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक आचार्य जयप्रकाशानन्द द्वारा जल चिकित्सा में प्रयुक्त गीली चादर लपेट पर लेख जब हम जल चिकित्सा में जल का प्रयोग करते हैं, तो उसके दो प्रमुख रूप हमारे सामने आते हैं। प्रथम जल का बाह्य प्रयोग, द्वितीय आन्तरिक प्रयोग किये जाते हैं। आज इस लेख में हम जल के बाहरी प्रयोगों में से 1) गीली चादर लपेट 2) गीली चादर पर लेटना 3) लेटने और ढकने का प्रयोग एक साथ के विषय पर चर्चा करते हैं-1) गीली चादर लपेट आवश्यक सामग्रीः चिकित्सकीय उपचार हेतु मेज अथवा तख्त, एक छह फीट लम्बी सूती सफेद चादर, दो ऊनी कम्बल, एक पतला कपड़ेका टुकड़ा, एक प्लास्टिककी चादर, सिर गीला बनाए रखने के लिए दो छोटे तौलिए, सामान्य...

Children Yoga Classes

आयुष्य मन्दिरम् परिसर में बच्चों के लिए नियमित योग कक्षाएं

अपने बच्चे की एकाग्रता, स्मृति, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और मूल्य प्रणाली में सुधार के लिए करें योग की शक्ति का उपयोगबच्चों के लिए योग बच्चों  के लिए डिजाइन किए गए व्यायाम के रूप में योग का एक रूप है। इसमें ताकत, लचीलापन और समन्वय बढ़ाने के लिए आसन शामिल हैं। कक्षाएं मजेदार होने के लिए बनाई गई हैं और इसमें  उम्र के हिसाब से उपयुक्त खेल, जानवरों की आवाजे और आसन के लिए रचनात्मक नाम शामिल हो सकते हैं । बच्चों के लिए हमारे विशेष कार्यक्रम के साथ अपने बच्चे को माइंडफुलनेस से परिचित कराएँ। अपने बच्चे के ध्यान, स्मृति, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और मूल्य प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए योग की शक्ति का उपयोग करें। बच्चों की योग कक्षाओं में सरल योग आसन और...

मिट्टी चिकित्सा

पंच भूतात्मक शरीर में मिट्टी (पृथ्वी तत्व)-की प्रधानता है। मिट्टी हमारे शरीर के विषों, विकल्पों, विकारों, विजातीय पदार्थों को बाहर निकालती है। हाँ प्रबल कीटाणुनाशक है। मिट्टी विश्व की महानतम औषधि है।मिट्टी चिकित्सा के प्रकार मिट्टीयुक्त जमीन पर नंगे पैर चलना-स्वच्छ जमीन पर, बालू, मिट्टी या हरी दूब पर प्रात:-सांय भ्रमण करने से जीवनीशक्ति बढ़कर अनेक रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करती है। नंगे पैर चलने से नेत्र ज्योति बढ़ती है। नंगे पैर पृथ्वी के सम्पर्क में रहने से पैर मजबूत, स्वस्थ,सुडौल एवं रक्त संचरण बराबर होने से उनमे से गन्दगी एवं दुर्गन्ध निकल जाती है एवं बिबाई भी नहीं पड़ती। पाचन संस्थान सबल होता है एवं उच्च रक्तचाप व शरीर के बहुत सारे रोग आश्चर्यजनक रूप से दूर हो जाते हैं। सिरदर्द,...

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