
बच्चों के लिए योग (Yoga for Kids) ; आदर्श भविष्य की नींव
बच्चों के लिए योग” (Yoga for kids) उनके आदर्श भविष्य की नींव है| हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ रहे, मानसिक रूप से तेज हो, पढ़ाई – खेलकूद व् हर क्षेत्र में आगे हो, जीवन के विभिन्न स्तर पर संतुलित रहे और एक सफल व् खुशहाल जीवन जिए| आजकल बच्चे कंप्यूटर, मोबाइल फोन एवं टीवी के द्वारा मनोरंजन से अपने खाली समय का उपयोग करते हैं। जिसके कारण शारीरिक कसरत न के बराबर होती है। परिणामस्वरूप बच्चों में मोटापे की शिकायत आम होती जा रही है। इसके अतिरिक्त बचपन में हीं आँख कमजोर होना, एकाग्रता की कमी आदि समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसे में बच्चों को बचपन से हीं योग की ट्रेनिंग देना इन सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान है। इस में 3-6 बच्चों के लिए सभी जरूरी पूर्व-आवश्यकताएँ और दिशानिर्देश हैं।
योग अभ्यास के लिए पूर्व-आवश्यकताएँ –
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- एक शांत और साफ जगह पर ताजी हवा में अभ्यास करें।
- आंत और मूत्राशय खाली करने के बाद खाली पेट अभ्यास करें।
- ढीली और आरामदायक पोशाक पहन एक मजबूत चटाई पर अभ्यास करें।
- योग का अभ्यास करने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय और सूर्यास्त है।
- योगाभ्यास के 2 घंटे बाद भोजन किया जा सकता है।
- हमेशा सामान्य रूप से नाक से सांस लें, जब तक कि इससे अलग करने को न कहा जाए।
- विकलांग, गंभीर, तीव्र या पुरानी बीमारी से पीड़ित बच्चों को किसी भी खतरे या कठिनाई के विषय में जानने के लिए योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
आसन अभ्यास - ये मेरूदण्ड और जोड़ों को लचीला बनाते हुए मांसपेशियों और अस्थिबंधों में कसावट और मजबूती लाता है।
- प्राणायाम शरीर को स्फूर्ति देता है और मानसिक स्थिति को नियंत्रित करता है।
- विश्रांति (आराम देने वाले अभ्यास) शरीर को स्फूर्ति देता है और मानसिक स्थिति को नियंत्रित करता है।
- विश्रांति (आराम देने वाले अभ्यास) मांसपेशियों से तनाव को मुक्त करता है और इस प्रकार आपको ताजा ऊर्जावान बनाकर पूरे शरीर को आराम प्रदान करता है।बाल योग (3-6 साल आयु वर्ग के बच्चों के लिए योग दिशानिर्देशः
- 6 साल से कम उम्र के बच्चे किसी भी आसन/योग अभ्यास के अंतिम चरण में 10 सेकंड तक रह सकते हैं। बच्चों के योग सत्र का कुल समय 20 मिनट से अधिक नहीं होना चाहिए।
- बच्चों को सलाह दी जाती है कि वे लंबी अवधि के लिए आसन और सांस रोकने वाले अभ्यास (कुंभक) न करें।
- बच्चों के लिए योग में मुख्य रूप से स्ट्रेच और चलन क्रियाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
- कई बार इनमें जानवरों की नकल और खेलों को भी शामिल किया जाता है।
- प्रत्येक आसन के बारे में कल्पनाशील कहानियाँ सुनाना बच्चों को योग सिखाने का सबसे अच्छा तरीका है।
- आसनों को बोलकर समझाने की बजाय उनका प्रदर्शन करके दिखाएंँ। प्रायोगिक सत्र के दौरान, बच्चों की मुद्राओं को ठीक करने का प्रयास करते हुए भी इसी विधि का प्रयोग करें।
- अत्यधिक आगे और पीछे झुकने वाले आसनों से बचें।
- सिर के बल खड़े होने वाले और हाथों पर खड़े होने वाले आसनों से बचें।
- योग का अभ्यास करते समय अधिक खींचने या बहुत तेज झटका देने से बचें।
- योग का अभ्यास खाली पेट अथवा हल्के भोजन के उपरांत किया जाना चाहिए।
- बच्चों को उचित मार्गदर्शन के साथ एक विशेषज्ञ/प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में योगाभ्यास करना चाहिए। कभी भी अकेले योगाभ्यास नहीं करना चाहिए।
- अगर बच्चा योगाभ्यास करने के दौरान या उसके बाद किसी भी असुविधा की शिकायत करता है, तो उसे पूरी देखभाल और आवश्यक होने पर चिकित्सा सहायता दी जानी चाहिए।
- कभी भी बच्चों में तुलना न करें। प्रत्येक सत्र में उन्हें अनुशासित होकर बैठने के लिए प्रोत्साहित करें।हमेशा योग को स्नेह के साथ सिखाने और उनकी सभी प्रतिक्रियाओं का प्रेम से समाधान करने की सलाह दी जाती है।
- योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं है, वे मनोआध्यात्मिक अभ्यास हैं, जहां शरीर साधन है। इसलिए योग अभ्यास सिखाने के दौरान बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए यम और नियम जैसे योग के बुनियादी सिद्धांतों पर जोर देना चाहिए।



