योगासन में रीढ़ की हड्डी, मांसपेशियों और जोड़ों की भूमिका
योगासन में रीढ़ की हड्डी, मांसपेशियों और जोड़ों की भूमिका: योग विज्ञान एवं बायोमैकेनिक्स की समझ प्रस्तावनायोगासन केवल शरीर को अलग-अलग मुद्राओं में रखने का अभ्यास नहीं है। प्रत्येक आसन में रीढ़ की हड्डी, मांसपेशियों, जोड़ों, संतुलन और गुरुत्वाकर्षण के बीच एक समन्वय कार्य करता है। शरीर की संरचना और गति के इन पहलुओं को समझना योगाभ्यास को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और शरीर की व्यक्तिगत क्षमताओं के अनुरूप बनाने में सहायक हो सकता है।योग विज्ञान में शरीर की संरचना का अध्ययन Anatomy (शरीर रचना विज्ञान) तथा शरीर की गति और उस पर लगने वाले बलों का अध्ययन Biomechanics (जैव-यांत्रिकी) कहलाता है। 1. रीढ़ की हड्डी: शरीर का केंद्रीय आधार रीढ़ की हड्डी (Spine) शरीर को सहारा देने, धड़ को गतिशील रखने तथा मेरुरज्जु की सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण भूमिका...